Bhagwat Geeta Saar


गीता का ज्ञान किसने बोला

गीता जी का ज्ञान श्री कृष्ण ने बोला। आपने बताया कि श्री कृष्ण के शरीर में प्रवेश करके
काल ने गीता ज्ञान कहा और श्री कृष्ण को तो पता ही नहीं था कि उन्होंने क्या
ज्ञान कहा था? यह असत्य प्रतीत होता है, कोई प्रमाण बताएं।-
bhagwat Geeta
Bhagwat Geeta

 आपको ढ़ेर सारे प्रमाण देते हैं, जिनसे स्वसिद्ध हो जाता है कि गीता
शास्त्रा का ज्ञान “काल” ने कहा।
सर्व प्रथम गीता से ही प्रमाणित करता हूँ।
प्रमाण नं. 1. :- गीता अध्याय 10 में जब गीता ज्ञान दाता ने अपना
विराट रूप दिखा दिया तो उसको देखकर अर्जुन काँपने लगा, भयभीत हो गया।
यहाँ पर यह बताना भी अनिवार्य है कि अर्जुन का साला श्री कृष्ण था क्योंकि श्री
कृष्ण की बहन सुभद्रा का विवाह अर्जुन से हुआ था।
गीता ज्ञान दाता ने जिस समय अपना भयंकर विराट रूप दिखाया जो हजार
भुजाओं वाला था। तब अर्जुन ने पूछा कि हे देव! आप कौन हैं? (गीता अध्याय
11 श्लोक 31)
हे सहंस्राबाहु (हजार भुजा वाले) आप अपने चतुर्भुज रूप में दर्शन दीजिए
(क्योंकि अर्जुन उन्हें विष्णु अवतार कृष्ण तो मानता ही था, परन्तु उस समय श्री
कृष्ण के शरीर से बाहर निकलकर काल ने अपना अपार विराट रूप दिखाया था)
मैं भयभीत हूँ, आपके इस रूप को सहन नहीं कर पा रहा हूँ। (गीता अध्याय 11
श्लोक 46)
विचारें पाठक जन : क्या हम अपने साले से पूछेंगे कि हे महानुभाव!
बताईए आप कौन हैं? नहीं। एक समय एक व्यक्ति में प्रेत बोलने लगा। साथ बैठे
व्यक्ति ने पूछा आप कौन बोल रहे हो? उत्तर मिला कि तेरा मामा बोल रहा हूँ।
मैं दुर्घटना में मरा था। क्या हम अपने भाई को नहीं जानते? ठीक इसी प्रकार श्री
कृष्ण में काल बोल रहा था।

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